हेल्लो दोस्तों! इस पोस्ट का टाइटल पढ़ के हो सकता है कि आप को अटपटा से महसूस हो रहा हो मगर ये पोस्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैंने अभी जल्दी में यह बुक पढ़ी और मुझे लगा कि इस बुक के बारे में जरुरी बातों को आपके साथ शेयर करना चाहिये, ये बुक हमारी जिन्दगी के कुछ रेग्रेट्स के बारे में बताती है। जिनके बारे में हमें जानना जरुरी है। चलिए मैं अब शुरु करता हूँ। यह बुक एक ऑस्ट्रलियन नर्स “ ब्रॉनी वेयर ” के जीवन अनुभवों पर लिखी उनकी ही किताब “टॉप 5 रेग्रेट्स ऑफ़ दा डाईंग” (अंतिम समय के 5 सबसे बड़े पछतावे) के हिंदी सारांश को प्रस्तुत करती है। ब्रॉनी वेयर ने कई सालों तक हॉस्पिटल के उस हिस्से में काम किया था जहां उन मरीजों को रखा जाता है जिनके जीवित रहने की संभावना 12 सप्ताह यानिकी 3 महीने से भी कम ही हो। ब्रॉनी वेयर ने मरते हुए मरीजों के अंतिम क्षणों के अनुभवों को अपने एक ब्लॉग में लिखना शुरू किया और पाया कि अंतिम वक्त लोग अक्सर तरह-तरह के पछतावे के साथ अपने शरीर को त्यागते हैं। ब्रॉनी वेयर ने बहुत ही सुंदर तरीके से लिखा है कि लोग अंत समय में जीवन के मत्वपूर्ण पहलुओं और मकसद को गहराई से समझते हैं और फिर ...